जौनपुर। नगर के टीडीपीजी कालेज के संस्थापक तिलकधारी सिंह की 154वीं जयंती शनिवार को 'संस्थापक दिवस' के रूप में भव्यता, श्रद्धा और हर्सोल्लास के साथ मनायी गयी। मुख्य अतिथि प्रो. वंदना सिंह कुलपति पूर्वांचल विश्वविद्यालय रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. राजेश सिंह पूर्व कुलपति दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर ने तिलकधारी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया जिसके बाद उपस्थित तमाम अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि दिया। समारोह के प्रारम्भ में छात्राओं ने मां सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, कुलगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम आसरे सिंह ने महाविद्यालय के ऐतिहासिकता, गौरव तथा आपसी समन्वय की भावना का उल्लेख करते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया। अतिथियों ने महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका "मंथन" का विमोचन गया। शिक्षा विभाग के प्रो. अजय दुबे ने महाविद्यालय की वार्षिक प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद सिंह ने महाविद्यालय के नकलविहीन परीक्षा संस्कृति की सराहना किया।मुख्य अतिथि ने कहा कि तिलकधारी जी ने उस दौर में शिक्षा की नींव रखी जब संसाधन नगण्य थे। आज यह महाविद्यालय न केवल जौनपुर, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए ज्ञान का केंद्र बना हुआ है। अध्यक्षता कर रहे प्रो. सिंह ने कहा कि कि यह संस्थान तिलकधारी जी सपने को पूर्ण कर्तव्य एवं निष्ठा के साथ पूर्ण कर रहा है।
अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्राध्यापकों एवं मेधावी छात्र—छात्राओं को मुख्य अतिथि ने पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, संस्थापक परिवार के सदस्य श्रीप्रकाश सिंह ने टीडी कॉलेज के गौरवशाली इतिहास और इसकी विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रो. राहुल सिंह एवं आभार महाविद्यालय के प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रबन्ध समिति के सदस्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं, पूर्व छात्र और जनपद के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समारोह सम्पन्न हुआ।
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