Jaunpur : ​शहीद तिलका मांझी के शौर्य गाथा को किया गया याद

विनोद कुमार @ चन्दवक, जौनपुर। सथानीय क्षेत्र के मूर्खा गांव के बनवासी बस्ती में भारतीय आदिवासी महासभा एवं भारतीय आदिवासी कल्याण समिति ने संयुक्त रूप से देश की आजादी में शहीद होने वाले तिलका मांझी की जयंती बड़े ही सद्भावना पूर्वक से मनाया। कार्यक्रम में पहुंचे हरिराम वनवासी व विजय आदिवंशी ने शहीद तिलका मांझी व बाबा साहब के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि शहीद तिलका मांझी आजादी के आंदोलन के प्रथम शहीद थे जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आदिवासियों की प्रसिद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया और पहाड़ियों सरदारों के साथ संयुक्त मोर्चा बनाकर रामगढ़ कैंप को अंग्रेजों से छीन लिया था। अंग्रेजों ने तिलका मांझी को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें 4 घोड़े से बांधकर भागलपुर तक घसीटने के साथ ही उन्हें बरगद के पेड़ पर फांसी पर लटका दिया था। हम सभी को उनके शौर्य और पराक्रम पर गर्व की अनुभूति होती है।
इस अवसर पर भारतीय आदिवासी महासभा के प्रदेश सलाहकार डॉ एके यादव, लक्षीराम, महेंद्र राम, सुरेंद्र प्रताप, बबलू, लालचंद, कंचन समेत भारी संख्या में पुरुष महिलाएं मौजूद रहे।

Post a Comment

0 Comments