राकेश शर्मा @ खेतासराय, जौनपुर। अपने बच्चों को कार दें या न दे संस्कार जरूर दे, क्योंकि कार से व्यक्ति बड़ा आदमी बनता है तो संस्कार से भला आदमी बनता है और जीवन सुखमय हो जाता है।
उक्त अमृत वचन है पोरई कला ग्राम में आयोजित श्री मद्भभागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा.मदन मोहन मिश्र के। उपस्थित श्रद्धालुओं को रसपान कराते हुए कहा कि सुनीति के उपदेश से पिता की गोद से उतारे ध्रुव को परम पिता परमात्मा से मिला दिया। भगवान का नाम हमारे सभी पापों को समाप्त कर देता है। सती ने शंकर जी की बात नहीं माना। जिस कारण जल करके मर जाना पड़ा। भागवत की कथा हमारे जीवन की सारी व्यथा को समाप्त कर देती है।अनुसुइया ने अपने पति अत्रि की सेवा करके ब्रम्हा विष्णु महेश को लालना बनाकर पालना में झुला दिया। कलयुग में भगवान का नाम ही जीवन का सार है।इसके पूर्व कथा व्यास का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कृष्णनाथ मिश्र, दिनेश मिश्र, अवधेश नारायण तिवारी, बालकिशुन राजभर, प्रधान फ़िरतू यादव, गिरीश मिश्र आदि उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम आयोजक उमाशंकर मिश्र ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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