जौनपुर। मौला अली अलै. की विलादत पर 13 रजब को ऐतिहासिक सदर इमामबाड़ा में जश्ने इमाम अली अलै. का शानदार और इमान अफ़ज़ा आयोजन हुआ। इसके बाबत सदर इमामबाड़ा को दुल्हन की तरह सजाया गया था। रोशनियों, सजावट और तिलावत-ए-क़ुरआन की पुरनूर फिज़ा ने महफ़िल के माहौल में एक अलग ही रौनक पैदा कर दी। महफ़िल की ख़िताबत करते हुये मौलाना कैस आब्दी गाज़ीपुरी ने मौला अली अलै. के जीवन, उनके शौर्य, इंसाफ़ पसंदी, इल्म, इंसानियत के प्रति लगन और उनके आदर्श व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि मौला अली अलैहिस्सलाम का जीवन पूरी इंसानियत के लिए एक आईना है जिससे सीख लेकर हम समाज में अमन, इंसाफ़ और भाईचारे को मज़बूत कर सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता अल्लन सैय्यद रहे जिन्होंने मौला अली की विलादत की मुबारकबाद पेश करते हुये कहा कि इमाम अली अलै. की ज़िंदगी हक़ और इंसानियत की सेवा के लिए समर्पित रही है। हमें उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। इस दौरान मौलाना शाजान ज़ैदी ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया। साथ ही मौलाना शाजान ज़ैदी ने नज़र करके मुल्क की अमन, सलामती, भाईचारे और तरक्की के लिए ख़ास दुआ कराई। मौलाना अम्बर अब्बास खान ने नमाज़ अदा कराई।महफ़िल में नामचीन शायरों ने अपने कलाम से बारगाहे-इमाम में नज़राना-ए-अक़ीदत पेश कर महफ़िल में चार चांद लगा दिये। शायर काज़िम जार्चवी, सकलैन मुंबई, सागर बनारसी, वसीम खुर्रम, शम्स तबरेज़, फ़ाज़िल जरेली और कमाल वारसी के कलाम पर लोग देर तक मुग्ध नज़र आए और नारे-ए-हैदरी की सदाएं गूंजती रहीं। कार्यक्रम का संचालन ज़ाहिद कानपुरी एवं फ़ैज़ी जौनपुरी ने किया।
इस अवसर पर मौलाना अहमद हसन, मौलाना आगा मोहसिन, मौलाना दिलशाद खान, मौलाना शुजा रिज़वी, मौलाना सैय्यद मोहम्मद अब्बास रिज़वी, समाजसेवी आज़म अब्बास, सभासद गप्पू मौर्या, नौशाद हुसैन, अली मंज़र, संजय, रिज़वान, अरशद सोनू, दिलदार, चुनमुन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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