महराजगंज, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के सवंसा में स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में कथा व्यास अनिल पांडेय ने शिव विवाह का विस्तार से वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा माता के समान करते हैं। जिस प्रकार एक माता अपने बच्चे के कल्याण के लिए कभी-कभी कठोर निर्णय लेती है, उसी प्रकार भगवान भी करते हैं। उन्होंने श्रीराम नाम के श्रवण की महत्ता बताते हुए कहा कि इसके मात्र से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मानव भव बाधा पार हो जाता है। कथा के दौरान उन्होंने सती चरित्र का वर्णन किया। साथ ही बताया कि सती अपने पिता दक्ष के यज्ञ में भगवान शंकर का अपमान देखकर स्वयं को योग अग्नि में भस्म कर देती हैं।
उन्होंने बताया कि दूसरे जन्म में सती ने पर्वतराज हिमालय के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया। माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घनघोर तपस्या किया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसके उपरांत शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ जिसमें श्रद्धालु नाचते-गाते हुए भगवान शंकर की बारात में शामिल हुये।कथा के समापन पर आयोजक समिति के यादवेन्द्र प्रताप सिंह और व्यवस्थापक श्याम शंकर पुजारी ने आरती करते हुये प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर रिंकू श्रीवास्तव, सूरज सिंह, सिद्धार्थ सिंह, संतोष गुप्ता, आनंद प्रकाश उपाध्याय, विकास पंडित, महेंद्र सरोज, शिव कुमार गिरी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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